Tuesday, August 31, 2010

अहसान कर गया बादल

अबकि अहसान कर गया बादल,
गोद नदिया की भर गया बादल।

बिजलियों से लिपटके रोया बहुत,
आँख धरती क़ी भर गया बादल।

खेल ठहरा मगन हवाओं का,
रेशा-रेशा बिखर गया बादल।

अब हवाएं पता बतायेंगी,
अबकि बारिश किधर गया बादल।

चढ़के अम्बर पे छा गया था जो,
जीना-जीना उतर गया बादल।